तेरी यादें जब भी दिल के गलियारे से गुजरती हैं
धडकनें थोड़ी टेंशन में, खड़ी अटेंशन में
उसको देख कर बजाती है
एक कड़क-सा सैल्यूट.
तुम्हारी यादें
धडकनों का इंस्पेक्शन करती हैं
चेक करती हैं कि धडकनों कि वफादारी
किसी और के लिए तो नही..
धड़कने किसी और के लिए तो नही
धड़कती हैं..
और फिर एक गर्व भरी टेढ़ी-सी
मुस्कान लिए अपने चेहरे पर
दिल के गलियारों से आगे बढ़ लेती है.
धडकनों को तो ये भी पूछने का हक नही
कि तेरी यादें किसी और की धडकनों की
सलामी तो नही लेती....?
धडकनें थोड़ी टेंशन में, खड़ी अटेंशन में
उसको देख कर बजाती है
एक कड़क-सा सैल्यूट.
तुम्हारी यादें
धडकनों का इंस्पेक्शन करती हैं
चेक करती हैं कि धडकनों कि वफादारी
किसी और के लिए तो नही..
धड़कने किसी और के लिए तो नही
धड़कती हैं..
और फिर एक गर्व भरी टेढ़ी-सी
मुस्कान लिए अपने चेहरे पर
दिल के गलियारों से आगे बढ़ लेती है.
धडकनों को तो ये भी पूछने का हक नही
कि तेरी यादें किसी और की धडकनों की
सलामी तो नही लेती....?
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